उद्योग क्या है
जब कच्चे माल को संशोधित और परिवर्तित करके मानवीय आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तु तैयार किया जाता है उसे उधोग कहा जाता है |
अर्थात उद्योग वैसी आर्थिक प्रक्रिया है जो प्राकृतिक संसाधनों के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन पर आधारित है | एवं मानव की मूलभूत आवश्यकता की आवश्यक वस्तु का निर्माण करती है उद्योग कहलाती है | उद्योग किसी भी देश के आर्थिक विकास के स्तर को निर्धारित करती हैं |
उद्योगों के विकास में भौगोलिक तकनीकी एवं पूंजीगत कारकों के साथ-साथ संसाधनों के प्रबंधन एवं संरक्षण की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है | इसी कारण से विकसित देशों में औद्योगिक विकास तीव्र गति से हुआ है |
उधोग का महत्त्व
उद्योग किसी भी देश के आर्थिक विकास के स्तर को निर्धारित करती हैं | किसी भी देश की प्रगति उस देश की औधोगिक विकास पर निर्भर करती है | जो भी देश जितना अधिक माल आयत करता है और उस माल का अधिकतम उपयोग करके कई प्रकार का सामग्री का निर्माण करती है वह देश विकसित एवं संपन्न होता है | भारत एक विकासशील देश है लेकिन यहाँ जितनी उपलब्ध प्राकृतिक एवं मानव संसाधन के आधार पर विकसित देश बनने की पूर्ण संभावना है | भारत अब आत्मनिर्भरता की तरफ धीरे धीरे बढ़ रही है भारत की राष्टीय शक्ति में वृद्धि हुई है |
उद्योगों को कई तरह से उसका वर्गीकरण करते हैं
आकार के आधार पर उद्योगों को 3 वर्गों में बांटा गया है
(1) कुटीर उद्योग
(2) लघु उद्योग
(3) वृहत उद्योग
(1) कुटीर उद्योग
कुटीर उद्योग निर्माण की सबसे छोटा इकाई है | इस प्रकार के उद्योग में शिल्पकार स्थानीय कच्चे माल का उपयोग करते हैं | एवं साधारण औजारों द्वारा या साधारण मशीनों द्वारा परिवार के सभी सदस्य मिलकर अपने दैनिक जीवन के उपभोग की वस्तुओं का उत्पादन करते हैं तथा इसे स्थानीय बाजार में बेचा जाता है | कुटीर उधोग भारत का प्राचीनतम उधोग में से एक है जो अधिकतर ग्रामीण इलाको में यह उधोग विकसित है
जैसे खाद्य पदार्थ कपड़ा बर्तन औजार फर्नीचर जूते एवं लघु मूर्तियां उत्पादन की जाती है |
(2) लघु उद्योग
लघु उधोग कुटीर उधोग से बड़ा उधोग है इसमें कम पूंजी और छोटे मशीनों के माध्यम से यह उधोग संचालित की जाती है | लघु उद्योग में भी स्थानीय कच्चे माल का उपयोग करके वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है | इसमें अर्ध कुशल श्रमिक व शक्ति के साधनों से चलने वाले यंत्रों का प्रयोग किया जाता है | इस उद्योग में रोजगार के अवसर अधिक होते हैं | बहुत से देश अपनी जनसंख्या को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए इस प्रकार के श्रम सघन छोटे पैमाने के उद्योग प्रारम्भ किए हैं |
(3) वृहत उधोग
यह बहुत बड़े आकार के उद्योग है इस उद्योग के लिए विशाल बाजार, विभिन्न प्रकार का कच्चा माल , शक्ति के साधन , कुशल श्रमिक, , विकसित प्रौद्योगिकी अधिक उत्पादन एवं अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है | पिछले कई शतक से इसका विकास हुआ है | पहले यह उद्योग ग्रेट ब्रिटेन संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी विभाग एवं यूरोप में लगाया गया था | परंतु वर्तमान समय में इसका विस्तार विश्व के सभी भागों में हो गया है |
कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को 5 वर्गों में बांटा गया है
(1) कृषि आधारित उद्योग
वर्तमान समय में कृषि आधारित उद्योग भी बहुत बड़े पैमाने पर किया जा रहा है | इस उद्योग में खेतों से प्राप्त कच्चे माल को विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा तैयार माल में बदलकर बेचने के लिए ग्रामीण एवं नगरीय बाजारों में भेजा जाता है |
कृषि आधारित उद्योग में भोजन तैयार करने वाले उद्योग , शक्कर अचार , फलो के रस , पेय पदार्थ जैसे चाय , कॉफी , मसाले , तेल एवं वस्त्र तथा रबड़ उधोग आतें है |
(2) खनिज आधारित उधोग
खनिज आधारित उधोग में खनिजों के कच्चे माल का प्रयोग करके आवश्यक वस्तु का उत्पादन किया जाता है | इस उद्य में कुछ लौह अंश वाले भी होते हैं कुछ अलौह अंश वाले भी |
जैसे - एलमुनियम तांबा एवं जवाहरत उद्योग सीमेंट मिट्टी के बर्तन आदि उद्योग में आध्यात्विक खनिजों का प्रयोग होता है
(3) रसायन आधारित उधोग
रसायन आधारित उधोग में प्राकृतिक रूप में पाए जाने वाले रासायनिक खनिजों का उपयोग होता है तथा उससे आवश्यक वस्तु का निर्माण किया जाता है |
जैसे - पेट्रो रसायन उद्योग में खनिज तेल अर्थात पेट्रोलियम का उपयोग होता है |
(4) वन आधारित उधोग
वन आधारित उधोग में वनों से प्राप्त कई मुख्य एवं गौण उपज कच्चे माल के रूप में प्राप्त होता है | जिसका उपयोग करके आवश्यक वस्तु का निर्माण किया जाता है |
जैसे फर्नीचर उद्योग के लिए इमारती लकड़ी कागज उद्योग के लिए लकड़ी बांस एवं घास तथा लाख उद्योग के लिए लाख वनो से ही प्राप्त होता है |
(5) पशु आधारित उधोग
इस उधोग में चमड़ा उधोग के लिए चमड़ा पशुओ से ही प्राप्त होता है | तथा ऊनि वस्त्र उधोग के लिए उन पशुओ से ही प्राप्त होता है |
उत्पादन या उत्पाद के आधार पर उद्योगों को दो वर्गों में बांटा गया है |
(1) आधारभूत उधोग
वैसे उद्योग जिसके उत्पाद को अन्य वस्तुएं बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में प्रयोग में लाया जाता है उन्हें आधारभूत उद्योग कहा जाता है |
जैसे - लोहा इस्पात उद्योग - वस्त्र उद्योग के लिए मशीन - उपभोक्ता के उपयोग के लिए कपड़ा |
(2) उपभोक्ता वस्तु उद्योग
वैसे उद्योग जिसमें वैसे सामानों का उत्पादन किया जाता है जो प्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ता द्वारा उपयोग कर लिया जाता है | उपभोक्ता वस्तु उद्योग कहलाता है |
जैसे - रोटी (ब्रेड) बिस्किट चाय साबुन कागज टेलीविजन एवं श्रृंगार का सामान आदि |
स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को तीन भागों में बांटा गया है
(1) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग
वैसे उद्योग जो सरकार के अधीन होते हैं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग होते हैं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग कहलाते हैं | भारत में बहुत से ऐसे उद्योग है | जो सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं जो सरकार के अधीन है | समाजवादी देशों में भी बहुत से उद्योग सरकार के अधीन होते हैं |
(2) निजी क्षेत्र के उद्योग
वैसे उद्योग जिसका स्वामित्व व्यक्तिगत निवेशकों के पास होता है ये निजी संगठनों द्वारा संचालित होते हैं | पूंजीवादी देशों में अधिकतर उद्योग इसी प्रकार का उद्योग विकसित है |
(3) संयुक्त क्षेत्र उद्योग
वैसे उद्योग जिसका संचालन संयुक्त कंपनी के द्वारा या किसी निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के संयुक्त प्रयासों के द्वारा संचालन होता है संयुक्त क्षेत्र उद्योग कहलाता है |
उद्योगों को प्रभावित करने वाले कारक
वैसे कारक जो उद्योग की स्थिति या स्थानीयकरण को प्रभावित करता है | जैसे कच्चे माल की उपलब्धता भूमि जल , श्रम शक्ति , पूंजी, परिवहन और बाजार उद्योग उसी स्थान पर केंद्रित होता है जहां इसमें से कुछ या सभी कारक आसानी से उपलब्ध हो | कभी-कभी पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार बहुत से कम दाम पर विद्युत उपलब्धता कम परिवहन लागत तथा अन्य अवसंरचना जैसे प्रोत्साहन प्रदान करती है | औद्योगिकरण से प्रायः नगरों और शहरों का विकास एवं वृद्धि होती है |
विश्व के प्रमुख उद्योग
उद्योग किसी भी व्यवस्थित तथा क्रमबद्ध कार्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों को विनिर्मित वस्तुओं में बदलने को कहा जाता है | औद्योगिक विकास के इतिहास में औद्योगिक क्रांति एक महत्वपूर्ण घटना थी | यह क्रांति यूनाइटेड किंगडम से प्रारंभ हुई तथा पूरा यूरोप इसके प्रसार से प्रभावित हुआ | हालांकि वैश्विक स्तर पर उद्योगों के प्रादेशिक वितरण में बहुत आसमानता पाई जाती है | यही नहीं यह आसामानता एक देश के विभिन्न भागों में भी देखने को मिलती है |
उद्योगों के स्थानीयकरण के संबंध में कच्चे माल की उपलब्धता शक्ति परिवहन के साधन संस्ता एवं कुशल श्रम , पूंजी, प्रौद्योगिकी एवं सरकार की नीति आदि का विशेष महत्व होता है |
कुछ प्रमुख उद्योग निम्नलिखित है
लौह इस्पात उद्योग
लौह इस्पात उद्योग विश्व का सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्योग है | इसे उद्योगो का जननी भी कहा जाता है | क्योंकि लौह इस्पात उद्योग में बड़े-बड़े मशीनों का निर्माण होता है | जिससे अन्य उद्योग संचालित होते हैं | लौह इस्पात उद्योग एक जटिल उद्योग है | जिसमें अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है | इसलिए उतरी अमेरिका यूरोप और एशिया के विकसित देशों में इसका केंद्रीकरण ज्यादा है |
जूट उद्योग
जूट उद्योग एक महत्वपूर्ण उद्योग है विश्व का पहला जूट उद्योग स्कॉटलैंड के टुंडी में स्थापित किया गया था | लेकिन वर्तमान समय में भारत एवं बांग्लादेश में जूट उद्योग का केंद्रीकरण देखने को मिलता है | इसके अलावा जर्मनी , ब्रिटेन, फ्रांस , एवं इटली में भी जूट उद्योग देखने को मिलता है | भारत में जूट उद्योग का विकास मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के तट के सहारे हुआ | वर्तमान समय में भारत जूट उद्योग में प्रथम स्थान रखता है |
सूती वस्त्र उद्योग
सूती वस्त्र उद्योग एक महत्वपूर्ण उद्योग है सूती वस्त्र उद्योग के लिए कच्चे माल के रूप में अच्छी किस्म की कपास चाहिए | विश्व की 50% से अधिक कपास का उत्पादन भारत चीन संयुक्त राज्य अमेरिका पाकिस्तान उज़्बेकिस्तान एवं मिस्र में किया जाता है |
वर्तमान समय में सूती वस्त्र उत्पादन में चीन प्रथम स्थान पर है | शंघाई को चीन का मैनचेस्टर कहा जाता है | अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है |
रेशम वस्त्र उधोग
वस्त्र उत्पादन के लिए रेशम उद्योग महत्वपूर्ण उद्योग है | विश्व में कच्चे रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक चीन है | इसके बाद जापान भूतपूर्व सोवियत संघ एवं भारत का स्थान आता है | चीन कच्चे सिल्क का निर्यात करता है | संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़ा आयातक देश है | सिल्क के वस्त्र के उत्पादन में चीन का प्रथम स्थान है |
ऊनि वस्त्र उधोग
ऊनी वस्त्र उद्योग का केंद्रीयकरण मध्य अक्षांशीय विकसित देशों में देखने को मिलता है | ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड अर्जेंटीना एवं अफ्रीका ऊन के प्रमुख उत्पादक देश है | लेकिन इन देशों की जनसंख्या काफी कम होने के कारण तथा ऊनी वस्त्रों कि मांग अधिक नहीं होने के कारण ऊनी वस्त्र उद्योग का विकास बहुत कम हुआ है | अत: यह देश ऊन के निर्यातक है |
ऊन की प्राप्ति भेड़ , बकरी , खरगोश , तथा लामा आदि से प्राप्त होती है | उत्पादन की दृष्टि से भेड़ का ऊन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है | परंतु गुणवत्ता की दृष्टि से विश्व की सर्वश्रेष्ठ ऊन अंगोरा होती है | जो खरगोश से प्राप्त होती है | पशमीना एक बकरी है जिससे ऊन प्राप्त की जाती है | ब्रिटेन की लिटिस्यु भेड़ की सबसे लंबी ऊन प्रदान करने वाली नस्लें है |
कागज उद्योग
कागज उद्योग भी एक महत्वपूर्ण उद्योग है जो विश्व का 90% कागज काष्ट लुगदी से तैयार किया जाता है | कागज उद्योग के स्थायी करण में कच्चे माल की सुविधा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है |
पेट्रो - रसायन उधोग
वैसे उद्योग जो पेट्रोलियम से प्राप्त होता है पेट्रो रसायन उद्योग कहलाता है | इसी के कारण इसका संकेंद्रण तेल शोधनशाला या तटीय क्षेत्रों में पाया जाता है | उर्वरक प्लास्टिक रेयॉन जैसे कृत्रिम रेशे इस उद्योग के प्रमुख उत्पाद है |
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)उद्योग
सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग विश्व के अनेक देशों में इसका विकास काफी तेजी से हुआ है | वर्तमान समय में यह एक महत्वपूर्ण उद्योग बन चुका है | सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य आंकड़ों की प्राप्ति सूचना का संग्रह , सुरक्षा , स्थानांतरण परिवर्तन , अध्ययन इत्यादि कार्यों के उपयोग संचालन हेतु आवश्यक कंप्यूटर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर के अनुप्रयोग से है | सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग वैश्विक उद्योग का एक अभिन्न अंग बन गया है | तथा वर्तमान समय में यह वाणिज्य और व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है | सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व के परिणाम स्वरूप या विश्व में एक अलग उद्योग के रूप में स्थापित हो गया है | वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग अन्य उद्योग की तुलना में किसी अर्थव्यवस्था में उत्पादकता विशेषता आदि की तुलना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है | और वैश्विक अर्थव्यवस्था के समृद्धि का एक प्रमुख घटक हो गया है | सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग शिक्षा , स्वास्थ्य , व्यापार , अनुसंधान व विकास प्रशासन ( ई -गवर्नेंस ) पारदर्शिता , कार्यक्षमता में वृद्धि आदि से बेहतर योगदान दे रहा है | बंगलुरु भारत में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के प्रमुख केंद्र है |























