शनिवार, 3 जुलाई 2021

कृषि किसे कहते हैं कृषि के बारे में वर्णन करें

             कृषि क्या है

 कृषि एक प्राथमिक प्रक्रिया है जिसमें फसलों फलों सब्जियों फूलों को उगाया जाता है | के साथ-साथ पशुपालन को भी शामिल किया जाता है | विश्व के लगभग 50% लोग कृषि कार्य से जुड़े हुए है | जिस  भूमि पर कृषि उगाया जाता है | उसे कृषि गत भूमि कहा जाता है |







          कृषि कई प्रकारके होते है

 विश्व में कृषि को भौगोलिक दशाओं  उत्पाद की मांग श्रम और प्रौद्योगिकी के स्तर  पर  तथा सामाजिक आर्थिक व भौतिक कारको के प्रभाव के आधार पर कई प्रणाली में बांटा गया है |

                      स्थानांतरित कृषि

 स्थानांतरित कृषि में सबसे पहले वन के  किसी खंड को साफ करके भी वृक्षों तथा  झाड़ियों को जला दिया जाता है | इसके बाद इस भूमि पर खेती की जाती है | और तब तक की जाती है | जब तक कि इस भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त ना हो जाए इस प्रकार पुन: है यह  प्रक्रिया दूसरी भूमि पर भी की जाती है | इसलिए इसे स्थानांतरित  कृषि कहा जाता है | इसे झूम कृषि भी कहा जाता है |

                        निर्वाहक  कृषि

 वैसे कृषि क्षेत्र है जिसमें खेती करने का मुख्य लक्ष्य परिवार निर्वाह करना होता है निर्वाहक  कृषि कहा जाता है | यह  कृषि उत्पादक की आवश्यकता की पूर्ति तक ही सीमित रहती है | इस प्रकार की कृषि अमेजन नदी घाटी , दक्षिण पूर्वी एशिया , अफ्रीका का  गीनी तट एवं भारत चीन के क्षेत्रों में की जाती है |

                         विस्तृत कृषि

 बड़े आकार वाले खेतों के जोतों पर यांत्रिक विधियों से की जाने वाली  खेती को विस्तृत  कृषि कहा जाता है |

 इस प्रकार की कृषि में श्रमिकों का उपयोग बहुत कम एवं यांत्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बहुत अधिक होता है | विस्तृत  कृषि में प्रति व्यक्ति उत्पादन की मात्रा अधिक होती है परंतु प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम होता है | किस प्रकार की कृषि प्रेयरी के मैदान तथा आस्ट्रेलिया में   की जाती है |

                         मिश्रित कृषि

 वैसे कृषि जिसमें फसलें उगाने के साथ-साथ पशुओं का भी पालने का कार्य साथ साथ किया जाता है मिश्रित कृषि कहलाता है | यह  मिश्रित बुआई से बिल्कुल भिन्न है  | क्योंकि मिश्रित बुवाई में एक ही खेती पर एक ही समय में कई फसलें उगाई जाती है | जबकि मिश्रित कृषि में फसलें उगाने के साथ-साथ पशुपालन का भी काम किया जाता है |

 इस प्रकार की कृषि अधिकतर बड़े-बड़े नगरों के आसपास की जाती है | जिससे उसके उत्पादन की बिक्री में कोई कठिनाई नहीं होती है | उत्तम कृषि विधियां सुविधाजनक  यातायात  शहरी बाजार के निकटता तथा विश्वासनीय  वर्षा से इस  कृषि को बड़ी सहायता मिलती है |

                     व्यापारिक रोपण कृषि

  यह एक प्रकार का नवीन प्रणाली है इस प्रकार की कृषि को आर्थिक तथा सामाजिक शोषण के लिए कम विकसित समाज में शुरू किया गया है | इस प्रकार की कृषि व्यवस्था में अनेक उपजे जैसे -चाय काहवा नारियल , गन्ना , केला , मसाले , कोको , रबड़ , कपास  आदि बागानों में व्यापारिक दृष्टि से उत्पादन की जाती है | इस कृषि का विकास एवं प्रोत्साहन समशीतोष्ण कटिबंधीय देशों को निर्यात करने के उद्देश्य से अनेक उष्णकटिबंधीय देशों में उपनिवेशवाद के दौरान किया गया था | चाय , कपास एवं तंबाकू जैसी फसलें उपोष्ण कटिबंधीय देशों में भी उपजाई जाती है | इन क्षेत्रों में प्रारंभिक कृषि विकास में पूंजी यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका द्वारा लगाई गई थी | इसमें केवल अकुशल श्रमिक स्थानीय होते हैं | जबकि प्रशासनिक एवं कुशल श्रमिक ,  कृषि यंत्र , रासायनिक उर्वरक , कीटनाशक दवा ,  श्रमिकों की आवश्यक सामग्री औद्योगिक कल कारखाने एवं मशीनों के पुर्जे यातायात के साधन आदि समशीतोष्ण देशों से ही मंगाए जाते हैं | इसलिए रोपण कृषि को समांतर संस्था भी कहा जाता है |

            व्यापारिक खाद्यान्न उत्पादन कृषि

 व्यापारिक खाद्यान्न उत्पादन  कृषि व्यवस्था तकनीकी विकास की देन है | इस प्रकार की कृषि व्यवस्था  मध्य अक्षांशीय आर्द्र  एवं शुष्क प्रदेशों के मध्य  विस्तृत  घास मैदानों में मिलती है | जहां की मृदा वनस्पति तथा हिमयुग के निक्षेपण  के कारण अधिक  उर्वर है |

 विश्व में इस प्रकार के कृषि क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा के प्रेयरी प्रदेश अर्जेंटीना के पंपास ऑस्ट्रेलिया एवं रूस के स्टेपी  भागों में पाए जाते हैं |

 यह कृषि विस्तृत क्षेत्रों पर की जाती है | कृषि में यंत्रीकरण का अधिक उपयोग होता है | इसमें अत्यधिक बड़े-बड़े फार्म पर खेती की जाती है | इसमें पूंजी का अधिकतम निवेश होता है |

                   भूमध्यसागरीय कृषि

 भूमध्यसागरीय जलवायु वाले प्रदेशों में की  जाने वाले कृषि को भूमध्यसागरीय कृषि कहा जाता है | यहां की जलवायु की विशेषता है  कि यहां सर्दियों में वर्षा होती है | और  ग्रीष्म ऋतु में सूखा रहता है | इसलिए यहां  ग्रीष्म एवं  शीत ऋतु में  भिन्न भिन्न  फसलों की खेती की जाती है |

                           गहन कृषि

 बहुत कम क्षेत्र में श्रम गहन तथा यांत्रिक विधियों द्वारा अधिक मात्रा में उपजाई जाने वाली फसल को गहन  कृषि कहा जाता है | इसमें एक निश्चित समय अवधि में अधिकाधिक फसलों का उत्पादन किया जाता है | जनसंख्या की अधिक घनत्व वाले क्षेत्रों भूमि की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों में रासायनिक उर्वरकों , उन्नत बीज व कीटनाशक दवाइयों , सिंचाई , फसल चक्र आदि के प्रयोग से इस प्रकार की खेती  की जाती है |

             व्यापारिक दुग्ध पशुपालन कृषि 

 इस प्रकार की कृषि का मुख्य उद्देश्य दूध एवं दूध से उत्पन्न पदार्थों का व्यापारिक उत्पादन करना होता है  | फलोत्पादन कृषि की अपेक्षा इस व्यवस्था में अधिक श्रम पूंजी कृषि एवं मशीनों तथा सजगता की नितांत आवश्यकता पड़ती है | यह  उद्योग उन्हीं भागों में सफल है जहां शहरी बाजारों की निकटता के कारण दूध ,  क्रीम , मक्खन , पनीर तथा मांस की मांग  है |  साथ ही साथ परिवहन के साधन भी सुलभ हो | इस प्रकार की  कृषि का प्रसार विशेष रूप से बड़े पैमाने पर समशीतोष्ण जलवायु प्रदेशों में है | उष्ण प्रदेशों में विशेषकर शहरी केंद्रों के  निकट मुख्यत: दुग्ध  पशुपालन कार्य संपन्न किया जाता है  |

                      कृषि के विशेष प्रकार

 विश्व के वर्तमान कृषि व्यवस्था में बड़े पैमाने की विभिन्न कृषि  पद्धति के अतिरिक्त कुछ विशेष प्रकार की कृषि प्रचलित है जो निम्न है

                                  विटीकल्चर 

 इसमें अंगूरों का व्यापारी का स्तर पर उत्पादन होता है |

                  पीसीकल्चर अथवा जल कृषि  

इसमें व्यापारिक स्तर पर किए जाने वाली मछली पालन है |

                               सेरीकल्चर 

 इसमें रेशम उत्पादन की क्रिया जिसमें शहतूत आदि की कृषि भी सम्मिलित है |

                               हॉर्टिकल्चर

 इस कृषि व्यवस्था में व्यापारिक स्तर पर विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाता है |

                           आरबरीकल्चर

  इसमें विशेष प्रकार के वृक्षों तथा झाड़ियों की  कृषि जिसमें उनका संरक्षण तथा संवर्धन भी शामिल है |

                             एपीकल्चर 

इस प्रकार की कृषि में व्यापारिक स्तर पर शहद उत्पादन हेतु किए जाने वाला मधुमक्खी पालन का कार्य किया जाता है |

                            फ्लोरीकल्चर 

इस प्रकार की कृषि व्यवस्था में व्यापारिक स्तर पर की जाने वाली फूलों की  कृषि है |

                             सिल्वीकल्चर  

इसमें  वृक्षों तथा वनों के संरक्षण से संबंधित कार्य  किया जाता है |

                             वेजीकल्चर 

 दक्षिण पूर्वी एशिया में आदि मानव द्वारा सर्वप्रथम की गई वृक्षों की कृषि आदिम  कृषि के नाम से जानी  जाती हैं |

                           नेमॉरीकल्चर 

 यदि एक प्रकार का आदिम व्यवस्था की कृषि है जिसमें मानव द्वारा जंगलों से फल जड़ आदि का संग्रह किया जाता था |

                              ओलेरीकल्चर

 इस प्रकार की कृषि व्यवस्था में जमीन पर फैलने वाली सब्जियों की व्यापारिक कृषि इसके अंतर्गत आती है |

                              मेरीकल्चर 

इसमें व्यापारिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समुद्री जीवो के उत्पादन की क्रिया संपन्न की जाती है |

                    हॉर्सीकल्चर अथवा अश्व पालन 

 सवारी एवं यातायात के लिए उन्नत प्रजाति के  घोड़ों एवं खच्चरो को व्यापारी स्तर पर  पालने की क्रिया

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