सोमवार, 5 जुलाई 2021

संसाधन किसे कहते है ? , खनिज संसाधन किसे कहते है ,ऊर्जा संसाधन किसे कहते है

      संसाधन क्या है 

वे सभी वस्तुएँ जो मानवीय आवशयकताओ व उसकी इच्छा की पूर्ति करता है संसाधन कहलाता है 

         संसाधन का वर्गीकरण 

हमलोग संसाधन के बारे में तो जान लिए  लेकिन सवाल यह उठता है की संसाधन कितने प्रकार के होते है 
  हमारे पर्यावरण में देखा जाए तो पता चलता है की पर्यावरण में दो प्रकार वस्तुएं देखने को मिलती है एक जो हमें प्रकृति से हमें प्राप्त होती है तो दूसरा वह पदार्थ है जिसका निर्माण मनुष्य खुद करता है 
इस प्रकार वस्तु के आधार पर संसाधन दो प्रकार के होता है 

         (1) प्राकृतिक संसाधन 

       (2) मानवनिर्मित संसाधन 

               (1)  प्राकृतिक संसाधन किसे कहते है या प्राकृतिक संसाधन क्या है 


      वैसे वस्तुयें या वैसा संसाधन जो हमें प्रकृति से प्राप्त होती है अर्थात जिसका निर्माण प्रकृति द्वारा होती है प्राकृतिक संसाधन कहलाता है |
 
जैसे - कोयला , जल सौर ऊर्जा इत्यादि  |

      प्राकृतिक संसाधन दो प्रकार के होता है 

       (i) जैविक संसाधन 

      (ii) अजैविक संसाधन 


       (i) जैविक संसाधन क्या है या जैविक संसाधन किसे कहते है 


        वैसे वस्तुएं जिसका निर्माण जीवित प्राणी से वनस्पति के द्वारा होता है तथा जिसका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए करता है  जैविक संसाधन कहलाता है |

                   (ii) अजैविक संसाधन क्या है 

वैसी वस्तुएं या संसाधन जो अजीवित होती है जिसका उपयोग मनुष्य अपनी आवशयकताओ की पूर्ति के लिए करता है अजैविक संसाधन कहलाता है |

जैसे -  खनिज संसाधन , मृदा आदि ये सभी  अजैविक संसाधन है |

           (2) मानवनिर्मित संसाधन क्या है 

वैसी वस्तुएं जिसका निर्माण मनुष्य द्वारा अपनी आवशयकताओ की पूर्ति हेतु किया जाता है  मानवनिर्मित संसाधन संसाधन कहलाता है |

       खनिज  संसाधन क्या है 

 वैसे पदार्थ जिसको पृथ्वी के गर्भ से प्राप्त किया जाता है खनिज संसाधन कहलाता है |इसकी पहचान इसकी भौतिक और रासायनिक गुणों से किया जाता है |





 खनिज पदार्थों को निम्न प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जा सकता है |

                       आखनन प्रक्रिया

        आखनन प्रक्रिया में चट्टानों को खोदकर खनिज प्राप्त किया जाता है |

                   विवृत्त खनन प्रक्रिया

विवृत्त खनन प्रक्रिया में कम गहराई के गड्ढे खोदकर खनिज प्राप्त किया जाता है | कई स्थानों पर लोहा कोयला तांबा इसी प्रकार के खनन द्वारा निकाले जाते हैं |

                         वेधन प्रक्रिया

 जब तरल एवं गैस यह पदार्थों को प्राप्त करने के लिए संकरे एवं गहरे सुराख किए जाते हैं | इस विधि को वेधन प्रक्रिया कहा जाता है |

 पेट्रोलियम जैसे पदार्थों के लिए वेधन  प्रक्रिया ही अपनाये  जाते हैं |

                      खनिजों के प्रकार 

(1) धात्विक खनिज  (2) अधात्विक खनिज (3)  खनिज ईंधन 

                   (1) धात्विक खनिज 

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली गई वैसे  खनिज संसाधन  जिसमें धातु की मात्रा उपस्थित रहती है धात्विक खनिज कहलाता है |

 धात्विक खनिजों को लौह अयस्क की उपस्थिति के आधार पर निम्न दो भागों में बांटा गया है |

             (i)  लौह खनिज            (ii) अलौह  खनिज

                           (i)  लौह खनिज 

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली गई वैसे धात्विक खनिज जिसमें लोहे का अंश  उपस्थित रहता है | उस धात्विक खनिज को लौह खनिज कहा जाता है |

 जैसे -  लौह अयस्क  मैंगनीज क्रोमियम निकील  टंगस्टन कोबाल्ट वेनेडियम आदि |

                          (ii) अलौह  खनिज 

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली गई वैसे धात्विक खनिज जिसमे लोहे का अंश नहीं उपस्थित रहता है | अलौह  खनिज कहलाता है |

 जैसे -  तांबा एलुमिनियम  टीन  सीसा सोना चांदी प्लैटिनम जिंक  अभ्रक आदि |

                   (2) अधात्विक खनिज

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली गई वैसे खनिज जिसमें धातु का अंश नहीं पाया जाता है  अधात्विक खनिज कहलाता है |

 जैसे - जिप्सम नमक नाइट्रेट गंधक संगमरमर हीरा ग्रेनाइट आदि |

                      (3)  खनिज ईंधन 

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली गई वैसे पदार्थ जिससे में कोयला पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस यूरेनियम इत्यादि उपस्थित रहता है  | खनिज ईंधन कहलाता है |

         प्रमुख धात्विक व अधात्विक खनिज

                          लौह अयस्क

 पृथ्वी के गर्भ से निकाली  वैसे अयास के जिसमें जिसमें लोहे की मात्रा रहता है लौह अयस्क कहलाती है |

 लोहे के अंश के आधार पर लौह अयस्क को चार वर्गों में विभाजित किया गया है 

               (i)  मैग्नेटाइट अयस्क ( Fe3O4 )

   मैग्नेटाइट अयस्क  लौह अयस्क का सबसे सर्वोत्तम किस्म का लौह अयस्क है | इस में लोहे की मात्रा लगभग 72% होती है | इसमें वाष्प  की मात्रा बहुत कम होती है | इसका रंग काला होता है |

               (ii) हेमेटाइट अयस्क  ( Fe2O2 )

 हेमेटाइट अयस्क भी लौह अयस्क का  महत्वपूर्ण अयस्क है | जिसमें लोहे की मात्रा 70% होती है |

                 (iii) लिमोनाइट  ( 3Fe2 O2 3H2O )

 लिमोनाइट अयस्क में धातु का अंश  60% रहता है | इसका रंग पीला होता है |

                 (iv)  सीडेराइट  (FeCO2 ) 

सीडेराइट  लौह अयस्क में सबसे निम्न कोटि का अयस्क है जिसमें लोहे का अंश 48% होता है |

 विश्व का 90% से भी अधिक लौह अयस्क  सोवियत रूस भारत संयुक्त राज्य अमेरिका ब्राजील दक्षिण अफ्रीका फ्रांस एवं ऑस्ट्रेलिया में संचित है | तथा कुल उत्पादन का 80% से अधिक सोवियत रूस संयुक्त राज्य अमेरिका ब्राजील चीन आस्ट्रेलिया ब्रिटेन भारत फ्रांस और जर्मनी से प्राप्त होता है |

 जापान विश्व का सबसे बड़ा लौह अयस्क आयातक देश है |

 विश्व के सबसे अधिक अयस्क उत्पादक देश प्रथम चीन द्वितीय आस्ट्रेलिया तृतीय ब्राजील चतुर्थ  भारत पंचम रूस तथा भंडारण की दृष्टि से प्रथम स्थान पर ऑस्ट्रेलिया द्वितीय  ब्राजील  तृतीय रूस चतुर्थ चीन , पंचम भारत है |

                              मैंगनीज

 मैंगनीज एक प्रकार का महत्वपूर्ण धात्विक खनिज है |  जिसका प्रयोग मुख्य रूप से  लौह इस्पात एवं  शुष्क बैटरी के निर्माण में किया जाता है | इसके अलावा इसका प्रयोग रासायनिक एवं कांच उद्योग में भी होता है | भारत ब्राजील दक्षिण अफ्रीका  घाना एवं जायरे  मैंगनीज  की प्रमुख निर्यातक देश संयुक्त राज्य अमेरिका मैंगनीज का सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयातक देश है |

 मैगनीज उत्पादन में प्रथम स्थान पर चीन दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका है |  जबकि भंडारण की दृष्टि से देखा जाए तो प्रथम स्थान पर दक्षिण अफ्रीका द्वितीय स्थान पर यक्रेन है |

                                तांबा

 तांबा एक प्रकार का महत्वपूर्ण धातु है | जो क्यूप्राइट पायराइट मैलाकाईट एवं कैमकोसाइट  आयस्क के  द्वारा प्राप्त किया जाता है |

 तांबा का प्रथम उत्पादक देश चिली एवं द्वितीय उत्पादक देश चीन है |

                              बॉक्साइट

 बॉक्साइट एलुमिनियम का प्रमुख अयस्क है | जिससे एलुमिनियम प्राप्त किया जाता है | इसके अलावा बायोलाइट कोरंडम एवं कओलिन भी एलुमिनियम प्राप्त किया जाता है | एलुमिनियम हल्की एवं विद्युत का सुचालक होता है | एलुमिनियम को धातुओं से मिलाकर मजबूत मिश्र धातु बनाने के कारण बहुत ही उपयोगी धातु हो गया है |

 बॉक्साइट उत्पादन में प्रथम स्थान पर आस्ट्रेलिया द्वितीय स्थान पर चीन लेकिन भंडारण की दृष्टि से देखा जाए तो प्रथम स्थान पर गिनी और द्वितीय स्थान पर आस्ट्रेलिया है |

    एलुमिनियम उत्पादन में प्रथम स्थान पर चीन द्वितीय स्थान पर रुस है |

                              अभ्रक

 अभ्रक  महत्वपूर्ण अलौह धात्विक खनिज यह ताप एवं विद्युत का कुचालक होता है | जिसके कारण इसका उपयोग मुख्य रूप से बिजली के उपकरण बनाने में होता है | इसके साथ-साथ इसका उपयोग चिमनी चशमा , दावा रंग आदि के निर्माण भी किया जाता है |  इसका रंग उजला हरा एवं काला होता है | जिसमें उजले रंग वाला अभ्रक सर्वश्रेष्ठ माना जाता है |

 भारत अभ्रक का सबसे बड़ा निर्यातक देश है | इसके साथ ही सबसे ज्यादा अभ्रक सीट की उत्पादित करने वाला देशों में भी शामिल है | यह अपने उत्पादन के अधिकांश भाग को निर्यात कर देता है |

 अभ्रक उत्पादन में प्रथम स्थान पर फिनलैंड द्वितीय स्थान पर तुर्की एवं तृतीय स्थान पर अमेरिका |

                               टिन

टिन  कैसिटेराइट (  राँगा पत्थर ) से प्राप्त किया जाता है |

 चीन टिन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है | जबकि द्वितीय स्थान पर  म्यांमार तृतीय स्थान पर पेरू |

                               सोना

 सोना सबसे महत्वपूर्ण अलौह  धात्विक खनिज जिसका उपयोग मुख्य रूप से जेवर के निर्माण में होता है | सोना तुलनात्मक रूप से शुद्ध रूप में चट्टानों की नसों में एवं प्लेसर के रूप में पाया जाता है |  शुद्ध सोना 22 कैरेट का होता है | सोना उत्पादन में चीव प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया जबकि दूसरे स्थान ऑस्ट्रेलिया का आता है | विश्व में सोने का सर्वाधिक संचित भंडार दक्षिण अफ्रीका में है | जोहान्सबर्ग सोना के लिए विश्व प्रसिद्ध है |

                               सीसा

       गैलेना सीसा का महत्वपूर्ण अयस्क है  | जो  जो मुख्य रूप से चूना पत्थर एवं अन्य परतदार चट्टानों में पाया जाता है | विश्व में शीशे का सर्वाधिक भंडारण ऑस्ट्रेलिया में है | जबकि उत्पादन चीन में प्रथम स्थान पर है |

                                जस्ता

    जस्ता अलौह  धात्विक खनिज है खनिज है |  जस्ता जिंक ब्लेड एवं कैलेमाइन अयस्क से निकाला जाता है | जस्ते के भंडारण में ऑस्ट्रेलिया प्रथम स्थान पर है | जबकि उत्पादन में चीन प्रथम स्थान पर है |

                                  निकिल

 निकिल एक प्रकार का  लाैह धात्विक खनिज है | निकिल  अधिकांश उपयोग मैंगनीज एवं क्रोमियम धातु के साथ मिलाकर इस्पात के निर्माण में किया जाता है | इसके अलावा इसका उपयोग भारी यंत्र वायुयान निर्माण एवं मोटर उद्योगों में मजबूत इस्पात के निर्माण के लिए इसका प्रयोग किया जाता है | निकिल का सर्वाधिक उत्पादन फिलीपीन्स देश में होता है |

                              टंगस्टन

 टंगस्टन एक प्रकार का लौह धात्विक खनिज है | यह एक कठोर धातु है | जो उच्च तापमान पर भी जल्दी नहीं पिघलती है | टंगस्टन का उपयोग अधिकतर उच्च वेग वाले एवं उच्च तापमान पर भी  अधिक समय तक धार को यथावत रखने वाले औजारों के निर्माण में किया जाता है | जेट इंजन के निर्माण में एवं बल्ब के तंतु के निर्माण में इसका सर्वाधिक उपयोग किया जाता है | टंगस्टन के उत्पादन में चीन पहले स्थान पर है |

                ऊर्जा संसाधन 

 विश्व में किसी भी देश के आर्थिक विकास और व्यक्तिगत जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए संसाधन आवश्यक है विश्व में ऊर्जा एवं शक्ति के संसाधनों का वितरण बहुत ही असंतुलित है |

 ऊर्जा संसाधनों को कई आधारों पर वर्गीकृत किया गया है 

 इस्तेमाल के आधार पर उर्जा को दो भागों में बांटा गया है

                  (1) नवीकरणीय   ऊर्जा संसाधन 

                   (2) अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन 

             (1) नवीकरणीय   ऊर्जा संसाधन 

 ऊर्जा का वैसे संसाधन जिसका प्रयोग एक बार करने के बाद पुनः उसे प्रयोग में लाया जा सकता है नवीकरणीय   ऊर्जा संसाधन  कहलाता है | नवीकरणीय   ऊर्जा संसाधन  से प्रदूषण जैसी समस्या नहीं के बराबर उत्पन्न होती है | वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती मांग एवं पर्यावरण प्रदूषण ग्लोबल  वार्मिंग जैसे समस्या के समाधान हेतु ऐसे वैकल्पिक ऊर्जा संसाधन का विशेष महत्व हो गया है | इसके अंतर्गत पवन ऊर्जा ऊर्जा भूतापीय ऊर्जा सौर ऊर्जा ज्वारीय ऊर्जा आदि शामिल है |

                            जल विद्युत

 जल विद्युत एक नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन है इसे श्वेत कोयला भी कहा जाता है क्योंकि जलविद्युत के कारण पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है | अफ्रीका में विश्व की सर्वाधिक संभावित जल विद्युत क्षमता होने के बावजूद उसका विकास बहुत कम हुआ है वहां उपयुक्त प्रौद्योगिकी वित्त एवं विद्युत शक्ति की मांग का अभाव है | अफ्रीका की कांगो नदी की संभावित जल शक्ति क्षमता विश्व की नदियों से अधिक है |  चीन  विश्व का सबसे बड़ा जल विद्युत उत्पादक देश है | चीन  विश्व की 8% एवं एशिया की 34% जल विद्युत उत्पादन करता है |

 किसी भी स्थान पर जल विद्युत उत्पादन के लिए निम्न आवश्यक दर्शाए उपलब्ध होनी चाहिए

  जल विधुत उत्पादन के लिए  जल का वेग एवं आयतन अधिक होनी चाहिए 

जल विधुत उत्पादन के लिए जल ऊंचाई से गिरनी चाहिए 

जल उत्पादन के बाद विधुत की खपत के लिए  बाजार मांग क्षेत्र की समीपता होनी 

इसके लिए परिवहन की साधनो की उपलब्धता होनी चाहिए 

इसके लिए सदावाहिनी नदियां होनी चाहिए 

जल विधुत उत्पादन के लिए तीव्र ढाल होनी चाहिए 

जल विधुत उत्पादन के लिए पूंजी की उपलब्धता होनी चाहिए 

                            पवन ऊर्जा

 पवन ऊर्जा ऊर्जा का नवीकरणीय संसाधन है | एक अनुमान के मुताबिक अगर  पवन ऊर्जा का सही उपयोग किया जाए तो अभी विश्व में उत्पादित हो रही बिजली से 13 गुना अधिक बिजली का उत्पादन किया जा सकता है | सर्वप्रथम पवन ऊर्जा का उत्पादन नीदरलैंड में किया गया था | वर्तमान समय में संयुक्त राज्य अमेरिका पवन ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक देश है | संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में देश के 90% से अधिक पवन ऊर्जा फार्म लगे पवन ऊर्जा उत्पादन में भारत पांचवा स्थान इसका विकास उन स्थानों पर होता   है जिस  स्थानों में आपपरिवर्ती एवं मध्यम हवा  हमेशा चलती रहती है | पवन ऊर्जा को शांत समय में  संचित नहीं रखा जा सकता है |

                             सौर ऊर्जा

 सौर ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत का सर्वाधिक व्यापक एवं अपरिमित स्रोत है | सूर्य  से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा को सौर सेलो में विधुत उत्पन्न करने के लिए उपयोग की जाती है | इसके लिए कई सेलों को सौर पैनलो से प्रकाश व तापमान के लिए शक्ति उत्पन्न करने के लिए जोड़ा जाता है |

                            भू - तापीय ऊर्जा 

 भूतापीय ऊर्जा भी  नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जो निश्चित स्थान अथवा शैल संरचना के आधार पर नियत  ऊर्जा स्रोत है | इसका संचालन खर्चीला है एवं ऊर्जा का समूप्रयोजन इच्छा अनुसार नहीं किया जा सकता है |

                            ज्वारीय ऊर्जा 

 जब समुद्र में ज्वार उत्पन्न होती है और इससे जो ऊर्जा प्राप्त किया जाता है उस उर्जा को ज्वारीय ऊर्जा कहा जाता है | ज्वारीय ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से फ्रांस रूस और भारत में किया जाता है | विश्व का पहला ज्वारीय  स्टेशन फ्रांस में बनाया गया है |

                             जैव ऊर्जा 

 जैव ऊर्जा  के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के पौधों अथवा कार्बनिक पदार्थों से ऊर्जा प्राप्त करते हैं | विभिन्न पौधों से इथेनॉल का उत्पादन करके उसका उपयोग डीजल नैप्था तथा गैसोलीन के विकल्प के रूप में किया जा सकता है | जैव ऊर्जा का उत्पादन अधिकतर विकासशील देशों में किया जा रहा है |

           (2) अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन 

 ऊर्जा  का वैसे स्रोत जिसका एक बार उपयोग करने के बाद पुनः उपयोग में नहीं लाया जा सकता है अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन कहलाता है |

 जैसे कोयला पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस प्रमुख है |

                               कोयला 

कोयला अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन है |   या परतदार चट्टानों में पाया जाता है | कोयले का निर्माण मुख्यत: कार्बोनिफेरस युग में हुआ | इसके  अलावा कुछ कोयले का निर्माण टर्शियरी युग में भी हुआ | औद्योगिक क्रांति के आधार होने के कारण कोयले को उद्योग धंधों की जननी भी कहा जाता है |

 कोयला में उपलब्ध कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयला को 4 वर्गों में विभाजित किया गया है |

                      (i)   एन्थ्रासाइट कोयला

 एन्थ्रासाइट कोयला  सर्वाधिक उत्तम कोयला है | यह कोयला कठोर एवं चमकदार  इसमे कार्बन की मात्रा लगभग 90% तक होती है | जब इस कोयले को जलाया जाता है | तो कम घुआँ देता है तथा जल जाने के बाद राख की मात्रा काफी कम होती है |

                      (ii)  बिटुमिनस  कोयला

 वैसे कोयला जिसमें कार्बन की मात्रा 70 प्रतिशत से 80% तक रहता है बिटुमिनस कोयला कहलाता है | इसको जलाने  पर अधिक धुआँ देती है  और रखा भी अधिक  बचती है |

                         इस कोयले को गर्म करने के बाद इससे तारकोल निकलता है | इसलिए इस कोयले को बिटुमिनस  कोयला कहा जाता है | विश्व में पाए जाने वाला अधिकांश कोयला इसी प्रकार का इसका उपयोग मुख्यतः कोक  कोयले के निर्माण में होता है |

                   (iii) लिग्नाइट या भूरा कोयला 

वैसे कोयला जिसमे  कार्बन की मात्रा  45% से  70% तक होता है | लिग्नाइट या भूरा  कोयला कहलाता  है |

                   (iv) पिट कोयला 

 पीट कोयला सबसे निम्न किस्म का कोयला है इसमें  आर्द्रता की  मात्रा काफी अधिक होता है |

                     पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस

 ऐसा माना जाता है कि पेट्रोलियम की उत्पत्ति वनस्पतियों समुद्री जीवो  एवं जानवरों की अपघटन  से हुई है | जो लगभग 10 से 20 करोड़  वर्ष पहले अवसादो के नीचे दब गए थे और अपघटन क्रिया के फलस्वरूप पेट्रोलियम का निर्माण हुआ पेट्रोलियम अधिकांशत: अवसादी चट्टानों के गुंबदाकार संरचना क्षेत्र में पाया जाता है |

 प्रति इकाई भार में कोयले की तुलना में अधिक ऊर्जा प्रदान करने की क्षमता होने के कारण या ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है | यह जल और प्राकृतिक गैस के साथ मिला हुआ ऊपर की ओर मुड़ी हुई अपनतियों , परतदार चट्टानों में मिलता है |  इसे निकालने के लिए कुएं या तेल कुप खोदना पड़ता है | चुकी यह जल की अपेक्षा हल्का होता है | अत: सबसे ऊपरी भाग में गैस उसके बाद तेल तथा सबसे नीचे जल रहता है |

                            आण्विक शक्ति

आण्विक शक्ति  ऊर्जा के प्रमुख स्रोत है इसमें ऊर्जा यूरेनियम तथा थोरियम से प्राप्त किया जाता है | 1 किलोग्राम यूरेनियम में 27000 टन कोयले के बराबर ऊर्जा पैदा करने की क्षमता होती है |

विश्व में 11% ऊर्जा परमाणु संसाधनों से प्राप्त होती है |

 यूरेनियम उत्पादन में प्रथम देश कजाकिस्तान  द्वितीय  देश कनाडा और तृतीय देश  आस्ट्रेलिया है |

 परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रथम देश अमेरिका द्वितीय देश फ़्रांस तृतीय देश  रूस तथा चतुर्थ देश दक्षिण कोरिया है |



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