शनिवार, 29 मई 2021

भारतीय इतिहास का काल विभाजन

 भारतीय इतिहास का काल विभाजन

 स्रोतों के आधार पर इतिहासकार भारतीय  इतिहास को तीन भागों में बाँटते हैं  | 


(2)  आद्य ऐतिहासिक काल ( 3000 ई.पू.से  600 ई.पू. )

 (3)  ऐतिहासिक काल  ( 600 ई.पू. से आगे ) 

(1)  प्रागैतिहासिक काल (  मानव उत्पत्ति से 3000 ई.पू. )

                  प्राचीन इतिहास का वाह काल जिसके कोई लिखित 
साधन  उपलब्ध नही है |  जिसमें मानव का जीवन अपेक्षाकृत पूर्ण रूप से सभ्य नहीं था  प्रागैतिहासिक कॉल कहलाता है इस काल का इतिहास लिखते समय इतिहासकार को पूर्ण रूप से पुरातात्विक साधनों पर निर्भर  रहना पड़ता है |

  (2)  आद्य ऐतिहासिक काल ( 3000 ई.पू.से  600 ई.पू. )
        
                 प्राचीन इतिहास का वैसा काल जिस समय मनुष्य लिखना तो जानता था लेकिन ऊन प्राप्त लेखों को अभी तक पढ़ा
 नहीं  जा सका है उसे आद्य ऐतिहासिक काल कहा जाता है |इस काल का इतिहास  लिखते समय भी मुख्यत: पुरातात्विक  साक्ष्यों का  उपयोग करना पड़ता है |


 (3)  ऐतिहासिक काल  ( 600 ई.पू. से आगे ) 

            प्राचीन इतिहास लगभग 600 ई.पू.  के बाद का काल ऐतिहासिक काल कहलाता है |इस काल का  इतिहास लिखते समय साहित्यिक , पुरातात्विक एवं विदेशियों के विवरण का उपयोग किया जाता है |

 


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