गुरुवार, 17 जून 2021

पृथ्वी की उत्पत्ति कैसे हुई , पृथ्वी के बारे में वर्णन करें , पृथ्वी का परिक्रमण तथा ऋतुएँ , पृथ्वी का महत्वपूर्ण तथ्य

        पृथ्वी क्या है?  पृथ्वी के बारे में वर्णन करें 




 पृथ्वी सौरमंडल में विद्यमान सभी ग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण है | क्योंकि केवल पृथ्वी पर ही जीवन संभव है | इसके अलावा यहां स्थल एवं जल का वितरण तथा क्रमिक ऋतु परिवर्तन के कारण पृथ्वी को एक विशिष्ट ग्रह बनाने में मदद करता है | इसकी घूर्णन तथा परिक्रमण गति समस्त  जीवन का मूल आधार है |

         पृथ्वी की उत्पत्ति कैसे हुई 

 पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में सर्वप्रथम तर्कपूर्ण परिकल्पना का प्रतिपादन फ्रांसीसी वैज्ञानिक कास्ते  द बफन  ने 1749 ई. मे किया था |  इसके उत्पत्ति के संबंध में वैज्ञानिकों ने 2 वर्गों में बांट कर जानकारी दी है |

                 ( 1 ) अद्वैतवादी  संकल्पना

                 ( 2 )  द्वैतवादी संकल्पना

                  ( 1 ) अद्वैतवादी  संकल्पना  

 अद्वैतवादी संकल्पना के अनुसार ग्रहों तथा पृथ्वी की उत्पत्ति केवल एक ही वस्तु ( तारा ) से बनी हुई मानी जाती है |

                    ( 2 )  द्वैतवादी संकल्पना   

  द्वैतवादी संकल्पना  के अनुसार ग्रहों तथा पृथ्वी की उत्पत्ति एक से अधिक खास कर दो तारों के सहयोग से हुई है | 

     अतः पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में कोई एकमत नहीं है | फिर भी ऐसा माना जाता है ,  कि प्रारंभ  में  पृथ्वी चट्टानी गर्म एवं  विरान  ग्रह थी |  इसका वायुमंडल भी विरल था | जो हाइड्रोजन एवं हीलियम से बना था | और आज के वायु मंडल से बिल्कुल भिन्न था |  अतः ऐसा माना जाता है कि यहां अनेक ऐसी घटनाएं एवं क्रियाएं हुए जिसके कारण यह  एक सुंदर ग्रह में परिवर्तित हो  गया |  ऐसा माना जा रहा है कि पृथ्वी पर जीवन का विकास 460 करोड़ वर्ष पूर्व हुआ |

                      पृथ्वी की गतियां 

 पृथ्वी सूर्य से दूरी के अनुसार तीसरा तथा आकार में पांचवा बड़ा ग्रह है |  यह अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर 1610 किमी प्रति घंटा की चाल से घूमती है पृथ्वी 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड में एक पूरा चक्कर लगाती है |

पृथ्वी की गति दो प्रकार की होती है |

             (1)  घूर्णन गति 

           ( 2 )  परिक्रमण गति

             (1)  घूर्णन गति  

 पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है | जिसे घूर्णन गति कहा जाता है |

          ( 2 )  परिक्रमण गति  

  पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्षा में गति करती है जिसे परिक्रमण गति कहा जाता है | 

     पृथ्वी की इन दोनों गतियों  के कारण ही हैं  | दिन-रात एवं ऋतु परिवर्तन होता है | पृथ्वी का अपने अक्ष पर झुकाव भी ऋतु परिवर्तन का एक प्रमुख कारण माना जाता है | पृथ्वी के अपने अक्षों  पर परिक्रमण गति के कारण अलग-अलग ऋतुओं  में दिन व रात  की अवधि में अंतर  होती है | 

 पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड का समय लगता है |

 पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में जो समय लगता है |उसे सौर वर्ष कहा जाता है | प्रत्येक सौर  वर्ष कैलेंडर वर्ष से लगभग 6 घंटा बढ़ जाता है  | जिसे हर चौथे वर्ष में लीप वर्ष बनाकर समायोजित किया जाता है  | जिसके कारण लीप वर्ष 366 दिन का हो जाता है |  और उस लीप वर्ष में फरवरी माह 28 दिन के स्थान पर 29 दिन होता है |

              पृथ्वी का परिक्रमण तथा ऋतुएँ 

 21 जून को उत्तरी ध्रुव और 22 दिसंबर को दक्षिणी ध्रुव सूर्य की ओर झुका होता है | 21 मार्च और 23 सितंबर को कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता है | 21 जून वाली स्थिति को ग्रीष्म अयनांत  कहा जाता है | तथा 22 दिसंबर वाली स्थिति को शीत अयनांत  कहा जाता है  | अर्थात मकर संक्रांति कहा जाता है क्योंकि इस तिथि के बाद सूर्य उत्तर की ओर यात्रा प्रारंभ कर देता है जिसे उत्तरायण भी कहा जाता है | जो  छह  मास का होता है | 

 जब 21 मार्च और 23 सितंबर को कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता है | तो दोनों गोलार्ध में दिन रात 12 घंटे के होते हैं | अर्थात दिन व रात बराबर होता है जिसे विषुव कहा जाता है | 21 मार्च को वसंत  विषुवत कहा जाता है | तथा 23 सितंबर को शरद विषुव कहा जाता है |

 3 जनवरी को सूर्य पृथ्वी के काफी नजदीक रहता है जिसके कारण 3 जनवरी को उपसौर कहा जाता है | जबकि 4 जुलाई को सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सर्वाधिक होती है | जिसके कारण 4 जुलाई की स्थिति को अपसौर कहा जाता है |

            पृथ्वी का कुछ  महत्वपूर्ण तथ्य

  पृथ्वी का संपूर्ण  धरातलीय क्षेत्रफल 510066100  किमी

 पृथ्वी के स्थल का क्षेत्रफल 14.89 करोड़  किमी

 पृथ्वी का आयतन 1.08321×10^12 किमी 

 पृथ्वी की सतह का औसत तापमान 15 डिग्री सेल्सियस

 पृथ्वी का औसत घनत्व 5.53 ग्राम/ सेमी 

 पृथ्वी का विषुवतीय परिधि 40076 किमी 

 पृथ्वी का ध्रुवीय परिधि 40008 किमी 

 पृथ्वी के अक्ष  का कक्षा तल पर झुकाव 23.5° 

 पृथ्वी के अक्ष  का कक्षा तल पर कोण 66.5°

 पृथ्वी की घूर्णन  अवधि 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड

 पृथ्वी की परिक्रमण अवधि 365 दिन 6 घंटे


  

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